उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिज्ञासु दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी प्राकृतिक स्थल पर जाने का अवसर मिले, तो केवल पर्यटक बनकर नहीं बल्कि एक जिज्ञासु विद्यार्थी की तरह उसे समझने का प्रयास करना चाहिए। अपनी पाती के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रकृति के महत्व और उससे सीखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारे जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक है और इसके प्रत्येक तत्व में सीख छिपी होती है। पेड़-पौधे, नदियां, पर्वत और वन्यजीव हमें संतुलन, धैर्य और सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं। योगी आदित्यनाथ ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। प्रकृति के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को विशेष रूप से प्रकृति का अध्ययन करने और उससे प्रेरणा लेने की सलाह दी। उनका मानना है कि प्रकृति के निकट रहने से व्यक्ति का ज्ञान और दृष्टिकोण दोनों व्यापक होते हैं। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया।
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