क्राउडस्ट्राइक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉर्ज कर्ट्ज ने कंपनियों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर बढ़ते खर्च को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा खतरा नौकरियों के नुकसान से नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा कमजोर होने से है। कर्ट्ज के अनुसार, AI तकनीक के तेज विकास ने साइबर हमलों की प्रकृति को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने इसकी तुलना आईफोन के आगमन से हुई तकनीकी क्रांति से की। उनका कहना है कि पहले जिन बदलावों में वर्षों लगते थे, अब वे कुछ महीनों में हो रहे हैं। AI आधारित नए मॉडल जटिल साइबर हमलों को स्वचालित रूप से अंजाम देने में सक्षम हो गए हैं। इससे साइबर अपराधियों के लिए हमले करना पहले की तुलना में कहीं आसान हो गया है। कर्ट्ज ने चेतावनी दी कि अब तकनीकी विशेषज्ञता के बिना भी लोग उन्नत साइबर हमले करने की क्षमता हासिल कर सकते हैं। इससे व्यवसायों, सरकारी संस्थानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कंपनियों से AI अपनाने के साथ-साथ सुरक्षा उपायों को भी मजबूत करने की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के फायदे जितने बड़े हैं, उससे जुड़े जोखिम भी उतने ही गंभीर हो सकते हैं। कर्ट्ज ने कहा कि सुरक्षा रणनीतियों को AI के विकास की गति के अनुरूप अपडेट करना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा पर संभावित प्रभावों को भी रेखांकित किया। उनका मानना है कि AI के जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग के बिना भविष्य में साइबर खतरों का स्तर और अधिक बढ़ सकता है।
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