ब्राजील में 37 वर्षीय अमांडा मारिया सूजा डी ओलिवेरा को कथित धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार उसने खुद को ‘गैब्रिएले’ नाम की 12 वर्षीय बच्ची बताकर कई लोगों को गुमराह किया। महिला ने कथित तौर पर विभिन्न चिकित्सीय समस्याओं का दावा किया और बच्चों जैसी हरकतें कर लोगों का भरोसा जीता। जांचकर्ताओं का कहना है कि वह परिवारों के साथ लंबे समय तक रहकर उन्हें धोखा देती थी। एक मामले में उसे एक परिवार ने बच्ची समझकर गोद भी ले लिया था। अधिकारियों के अनुसार वह लगभग 14 महीने तक अपनी पहचान छिपाने में सफल रही। पुलिस को संदेह है कि उसने कम से कम सात समान धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दिया। जांच में उसके तार ब्राजील के कई राज्यों में सामने आए मामलों से जुड़े पाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि उसके खिलाफ पहले भी इसी तरह के आरोप लग चुके हैं। मामले के उजागर होने के बाद लोगों में हैरानी और चिंता का माहौल है। पुलिस अब उसके संभावित अन्य पीड़ितों और सहयोगियों की भी जांच कर रही है। इस घटना ने पहचान छिपाकर किए जाने वाले धोखाधड़ी के मामलों पर नई बहस छेड़ दी है।
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