हरियाणा के फरीदाबाद की एक अदालत ने अपनी ही सगी भाभी के साथ जबरन दुष्कर्म करने के मामले में एक कलयुगी देवर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एडिशनल सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की माननीय अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी रेखा जे.एस. जांगड़ा ने बताया कि पीड़िता अपने पति के साथ फरीदाबाद में एक किराए के मकान में रहती थी, जबकि उसका ससुराल दिल्ली में स्थित है। पीड़ित महिला के घर उसके देवर का नियमित आना-जाना था। जनवरी 2021 में आरोपी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत महिला के पति को किसी बहाने से दिल्ली बुला लिया। पति के जाने के बाद आरोपी ने सूने घर का फायदा उठाकर महिला के साथ जबरन दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। जब पीड़िता ने अपने पति और ससुराल वालों को इसकी जानकारी दी, तो पारिवारिक लोक-लाज और समझौते का दबाव बनाकर मामले को शांत करा दिया गया।
इस घटना के करीब डेढ़ वर्ष बाद आरोपी ने दोबारा फोन पर महिला के पति को जान से मारने और पीड़िता के साथ फिर से गलत काम करने की धमकी दी। इस बार प्रताड़ना से तंग आकर दंपति ने साल 2022 में फरीदाबाद के महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और तफ्तीश शुरू की। अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 16 गवाहों को पेश किया गया। माननीय अदालत ने सभी वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दलीलों को मद्देनजर रखते हुए आरोपी को सख्त सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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