मध्यप्रदेश में अब बुनियादी ढांचे (अधोसंरचनात्मक) के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के हरित विकास (ग्रीन ग्रोथ) को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। सरकार की इस नई और महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस व्यापक हरित अभियान के अंतर्गत राज्यभर में विभिन्न राजमार्गों और मुख्य सड़कों के किनारे लगभग 80 हजार पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करते समय पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई करना बेहद जरूरी है। इस नीति से न केवल प्रदेश का सड़क तंत्र मजबूत होगा, बल्कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने और वायु प्रदूषण को कम करने में भी बड़ी मदद मिलेगी। रोपे जाने वाले पौधों की सुरक्षा, नियमित सिंचाई और उनकी देखरेख के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही, स्थानीय प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो प्रदेश की जलवायु के अनुकूल हों। इस दूरदर्शी पहल से मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक नई, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री के इस बड़े कदम की पर्यावरणविदों और आम जनता द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और समृद्ध मध्य प्रदेश का निर्माण करना है। सड़क परियोजनाओं के डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में ही अब वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रावधानों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
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