कर्नाटक में मंत्री आर. रामलिंगा रेड्डी ने शपथ लेने के सिर्फ दो दिन बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने विभाग के आवंटन को लेकर गहरी असंतुष्टि जताई। रामलिंगा रेड्डी ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु विकास विभाग को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पहले दिए गए आश्वासन से यू-टर्न लिया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से उन्हें अपमानित महसूस हुआ। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी के प्रति वफादार बने रहेंगे। रेड्डी ने कहा कि वे अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं कर सकते। इस इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा जारी है। यह घटनाक्रम कैबिनेट गठन के तुरंत बाद सामने आया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे आंतरिक मतभेद से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल सरकार या पार्टी की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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