तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में आंतरिक मतभेद और गुटबाजी की खबरें सामने आई हैं। पार्टी में विभाजन के बाद स्थिति और जटिल होती दिख रही है। बताया जा रहा है कि लोकसभा सांसदों को नेतृत्व छोड़ने के लिए कथित तौर पर संपर्क किया गया। इसी बीच 58 विधायकों के एक गुट में असंतोष के संकेत मिले हैं। एक हालिया बैठक में अपेक्षित संख्या से कम, केवल 32 बागी नेता ही शामिल हुए। इस दौरान 16 नेताओं ने मांग की कि ममता बनर्जी को ‘चीफ एडवाइजर’ नहीं बल्कि पार्टी की ‘चेयरपर्सन’ के रूप में बनाए रखा जाए। स्पीकर के एक फैसले ने निष्कासन को अमान्य करार देकर स्थिति को और जटिल बना दिया है। पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संगठनात्मक स्तर पर दरारें गहरी होती दिख रही हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर पार्टी की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। राजनीतिक विश्लेषक इसे टीएमसी के अंदर शक्ति संतुलन से जुड़ा मामला मान रहे हैं।
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