डीएमके ने घोषणा की है कि वह अब INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। पार्टी ने यह फैसला कांग्रेस पर विधानसभा चुनावों के बाद कथित विश्वासघात का आरोप लगाते हुए लिया है। हालांकि, डीएमके सांसद जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर अन्य गठबंधन सहयोगियों का समर्थन जारी रखेंगे। यह निर्णय तमिलनाडु में टीवीके-नेतृत्व वाली सरकार के साथ कांग्रेस के गठबंधन के बाद आया है। डीएमके नेताओं ने इसे ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा कदम बताया है। पार्टी का कहना है कि इस घटनाक्रम से राजनीतिक विश्वास को गहरी चोट पहुंची है। INDIA गठबंधन को विपक्षी दलों का प्रमुख मोर्चा माना जाता है। इस फैसले से गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता पर असर पड़ने की संभावना है। डीएमके ने स्पष्ट किया कि वह तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। पार्टी ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर उसका समर्थन जारी रहेगा, लेकिन रणनीतिक दूरी बनाए रखेगी। कांग्रेस और डीएमके के बीच तनाव हालिया चुनावों के बाद बढ़ा है। आगे इस मामले में और राजनीतिक विकास की उम्मीद जताई जा रही है।
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