जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक दाचीगाम नेशनल पार्क में आयोजित की। इस अनोखे आयोजन ने राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा पैदा कर दी। बैठक में पार्टी के विधायक, सांसद और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र पिछले 19 महीनों के राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा रहा। नेताओं ने शासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में भविष्य की राजनीतिक रणनीति और जनहित से जुड़े विषयों को भी एजेंडे में शामिल किया गया। गठबंधन राजनीति की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन किया गया। संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श होने की खबर है। पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक मजबूती और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर जोर दिया। दाचीगाम जैसे प्राकृतिक वातावरण में आयोजित बैठक को अलग और प्रतीकात्मक पहल माना जा रहा है। इस बैठक को आने वाले राजनीतिक फैसलों और रणनीतिक कदमों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
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