मद्रास हाईकोर्ट ने दो सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होकर बेड पर अचेत पड़े एक व्यक्ति के मोटर दुर्घटना मुआवजे को बढ़ाकर 57 लाख रुपये से अधिक कर दिया। अदालत ने पीड़ित के वकील द्वारा पर्याप्त मुआवजा न मांगे जाने की आलोचना करते हुए स्वत: संज्ञान (सुओ मोटू) लिया। पीड़ित को पहली दुर्घटना के बाद अस्पताल ले जाते समय दूसरी दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी। अदालत ने कहा कि पीड़ित की हालत बेहद नाजुक है और उसे जीवनभर देखभाल की आवश्यकता होगी। पहले ट्रिब्यूनल ने केवल 33 लाख रुपये का मुआवजा दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने अपर्याप्त बताया। अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया कि यह राशि पीड़ित की देखभाल पर ही खर्च हो। इस फैसले को मोटर दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। हाईकोर्ट ने बीमा कंपनियों को भी नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
Source: Source