केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले ‘डार्क पैटर्न’ प्रथाओं पर कठोर कार्रवाई की है। फिजिक्सवाला और मैकेफी कंपनियों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया गया है। जांच में सामने आया कि फिजिक्सवाला बिना उपभोक्ता की सहमति के डोनेशन जोड़ रहा था, जैसे कि 10 रुपये का दान। साथ ही कंपनी ‘फ्री कोर्स’ के नाम पर उपभोक्ताओं से निजी डेटा ले रही थी, जो भ्रामक व्यापार प्रथा है। डार्क पैटर्न एक डिज़ाइन तकनीक है जो उपभोक्ता को जानबूझकर उलझन में डालती है। CCPA ने दोनों कंपनियों को सारी भ्रामक प्रथाएँ तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई डिजिटल उपभोक्ता संरक्षण के लिए एक बड़ा संदेश है। अब ऐसी अन्य कंपनियों की भी जांच की जाएगी। उपभोक्ताओं को अब ऑनलाइन लेन-देन में अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Source: Source