अमेरिका ने मार्च 2026 में सेक्शन 301 के तहत जांच शुरू की थी, जो भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में एक ज्ञात मुद्दा रहा है। अब अमेरिका ने लगभग 60 देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए भारत में है। इस टैरिफ से भारतीय निर्यात पर व्यापक असर पड़ सकता है। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पाद प्रभावित हो सकते हैं। भारत सरकार इस मामले पर अमेरिका से द्विपक्षीय वार्ता जारी रखे हुए है। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए चुनौतीपूर्ण है। भारत इस फैसले के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में भी शिकायत दर्ज करा सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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