मंडी के स्यांज बाजार में ज्यूनि खड्ड से बाढ़ का खतरा मानसून से पहले फिर बढ़ गया है। 2023 और 2025 में भीषण आपदा में मुख्य सुरक्षा डंगा पूरी तरह बह गया था, जिसमें पंचायत के नौ लोगों की जान गई थी। अब खड्ड का रुख सीधे बाजार की तरफ है, जिससे आयुर्वेदिक अस्पताल, पंचायत घर, मंदिर, स्कूल और दर्जनों दुकानें खतरे में हैं। आपदा के बाद मंत्री विक्रमादित्य सिंह और डीसी ने दो महीने में समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी स्थायी डंगा निर्माण शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय व्यापारी और ग्रामीण विभागीय सुस्ती के खिलाफ सरकार से रोषित हैं। उन्होंने मानसून की पहली बारिश से पहले युद्ध स्तर पर डंगा निर्माण की मांग की है। फिलहाल सैकड़ों लोग प्रशासन से स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं और हर बारिश के साथ खौफ में जीने को मजबूर हैं।
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