1986 में गैलिली (तिबरियास) झील में भीषण सूखे के कारण पानी का स्तर इतना नीचे गिर गया कि मिट्टी और कीचड़ में छिपी पुरानी लकड़ियाँ दिखाई देने लगीं। दो भाइयों मोशे और युवल लुफान ने इन लकड़ियों को देखा और तुरंत पुरातत्व महत्व को पहचाना। उत्खनन के बाद पहली सदी (लगभग 2000 साल पुरानी) की एक शानदार ढंग से संरक्षित नाव निकली, जिसे अब ‘द सी ऑफ गैलिली बोट’ के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि इस नाव का उपयोग यीशु के समय में मछली पकड़ने और परिवहन के लिए किया जाता था। यह खोज ईसाई धर्म के लिए विशेष महत्व रखती है। नाव को नष्ट होने से बचाने के लिए एक विशेष रासायनिक प्रक्रिया से संरक्षित किया गया। अब यह नाव एक संग्रहालय में प्रदर्शित है और हजारों पर्यटक हर साल इसे देखने आते हैं। यह घटना बताती है कि प्रकृति का उतार-चढ़ाव इतिहास के पन्ने कैसे खोल सकता है।
Source: Source