भारत ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए आधिकारिक तौर पर अनुरोध पत्र (Letter of Request) जारी कर दिया है। इस बड़े सौदे को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय वायुसेना प्रमुख स्वयं पेरिस में मौजूद हैं। यह सौदा पिछले 36 राफेल विमानों के अनुबंध के बाद सबसे बड़ा रक्षा समझौता होगा। नए विमान भारत की बढ़ती क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए खरीदे जा रहे हैं। राफेल जेट्स को उनकी उन्नत क्षमताओं, सटीक हमला करने की तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम के लिए जाना जाता है। इस सौदे के तहत कई विमान मेक-इन-इंडिया के तहत भारत में ही असेंबल किए जा सकते हैं। फ्रांस के साथ पहले से ही रक्षा सहयोग गहरा है, और यह नई डील द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी। IAF प्रमुख फ्रांसीसी रक्षा अधिकारियों और डसॉल्ट एविएशन के प्रतिनिधियों के साथ तकनीकी और वित्तीय शर्तों पर बातचीत कर रहे हैं। सौदा होने पर यह भारत के वायु सेना के बेड़े को बड़ी ताकत देगा, खासकर चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा तनाव के मद्देनजर। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में अनुबंध पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
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