भविष्य के युद्धों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए, पेंटागन स्वायत्त युद्ध के क्षेत्र में 54 अरब डॉलर का अभूतपूर्व निवेश करने जा रहा है। यह पूरी रणनीति कम लागत वाले हजारों-लाखों ड्रोनों की तैनाती पर केंद्रित है, जो युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे। पारंपरिक महंगे हथियारों के मुकाबले, ये छोटे और सस्ते ड्रोन दुश्मन की सुरक्षा को भेदने में ज्यादा कारगर साबित हो सकते हैं। पेंटागन का मानना है कि भविष्य के युद्धों में संख्या का दबाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बड़ा हथियार होगा। ये ड्रोन खुफिया जानकारी जुटाने, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध करने और सटीक हमलों को अंजाम देने में सक्षम होंगे। अमेरिका इस परियोजना को ‘रिप्लिकेटर’ नाम दे चुका है, जिसका मकसद चीन के बढ़ते सैन्य खतरे का मुकाबला करना है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन का यह बेड़ा अमेरिकी सेना को किसी भी युद्ध में अहम बढ़त दिला सकता है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर स्वायत्त हथियारों का इस्तेमाल नैतिक और कानूनी चुनौतियाँ खड़ी कर सकता है। यह निवेश दिखाता है कि अमेरिका मानवरहित युद्ध प्रणाली को अपनी रक्षा नीति का केंद्रीय अंग बना रहा है।
Source: Source