कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई है। बाजार में यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण देखी गई। निवेशक दोनों देशों के बीच किसी संभावित समझौते या वार्ता विफल होने की संभावना पर नजर बनाए हुए हैं। वॉशिंगटन और तेहरान से आ रहे अलग-अलग संकेतों ने बाजार की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य के दोबारा पूरी तरह खुलने की संभावनाएं भी चर्चा में हैं। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। किसी भी बदलाव का असर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। व्यापारियों और निवेशकों ने हालात पर सतर्क रुख अपनाया हुआ है। ऊर्जा बाजार में जोखिम की भावना बढ़ी हुई दिखाई दे रही है। विश्लेषकों का मानना है कि वार्ता में प्रगति या गतिरोध दोनों ही तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। आपूर्ति से जुड़ी आशंकाओं ने बाजार को संवेदनशील बना दिया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।
Source: Source