इंदौर जिले के किसान पूर्वी रिंग रोड और मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन बिना उचित मुआवजा और सहमति के उनकी जमीन ले रहा है। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए हैं। किसानों ने प्रशासन को दाल-बाटी खाने का न्योता देकर संवाद की पहल की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे धरना नहीं हटाएंगे। पूर्वी रिंग रोड के लिए करीब 250 हेक्टेयर किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। किसानों का कहना है कि इससे उनकी आजीविका छिन जाएगी। मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना भी बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की मांग करती है। प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस और प्रशासन से वार्ता करने से इनकार नहीं किया है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे जमीन नहीं देंगे। स्थानीय राजनीतिक दलों ने भी किसानों के समर्थन में आवाज उठाई है। धरना स्थल पर किसान रात-दिन डटे हुए हैं। प्रशासन ने अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला है।
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