नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के एक बयान पर देश की संसद में भारी हंगामा हो गया। शाह ने कहा कि जिस तरह नेपाल के कुछ क्षेत्रों पर भारत ने अतिक्रमण किया है, उसी तरह नेपाल ने भी भारत की कुछ जमीनों पर कब्जा कर रखा है। इस बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर विरोध किया और इसे संसदीय रिकॉर्ड से हटाने की मांग कर दी। प्रधानमंत्री का बयान तब आया है जब नेपाल और भारत के बीच लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान से द्विपक्षीय तनाव बढ़ सकता है। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय ने अभी कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। फिलहाल, नेपाली मीडिया में इस बयान को लेकर बहस तेज है। यह मामला दोनों देशों की डिप्लोमेसी के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकता है।
Source: Source