पंजाब के मानसा जिले में सेवा केंद्र के कर्मचारी 26 मई से कलम-छोड़ हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने सोमवार को शहर की सड़कों पर रोष मार्च निकालकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी मुख्य मांग नियमितीकरण और समान काम के लिए समान वेतन है। कर्मचारी ठेकेदारी प्रणाली के तहत काम करते हैं और उन्हें केवल 10,000 रुपये से कुछ अधिक वेतन मिलता है। छुट्टी लेने पर भी वेतन काट लिया जाता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कई बार ज्ञापन दे चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो संघर्ष और तेज होगा। हड़ताल के कारण सेवा केंद्रों में काम करवाने आने वाले आम लोगों को भी भारी परेशानी हो रही है।
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