सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच ने मामलों की शीघ्र सुनवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने साफ किया है कि अब वेकेशन बेंच के सामने किसी भी मामले की अर्जेंट मेंशनिंग या त्वरित सुनवाई की मांग के लिए वरिष्ठ वकील पेश नहीं हो सकेंगे। यह व्यवस्था छुट्टियों के दौरान अत्यावश्यक सुनवाई के तरीके में बड़ा बदलाव लाती है। अर्जेंट मेंशनिंग वह प्रक्रिया है जिसमें बिना सूचीबद्ध मामलों को तुरंत सुनवाई के लिए उठाया जाता है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि इस प्रथा का दुरुपयोग न हो। अब इस तरह की मांग वरिष्ठ अधिवक्ताओं की बजाय अन्य माध्यमों से रखनी होगी। इस फैसले से न्यायिक प्रक्रिया में अनुशासन और पारदर्शिता आने की उम्मीद है। वकीलों और वादियों को अब नियमों के अनुसार ही सुनवाई के लिए आवेदन करना होगा। यह फैसला कोर्ट की कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।
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