स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार के तहत NHS सिंगल पेशेंट रिकॉर्ड पर पहली बार संसद में बहस होगी। सरकार के अनुमान के अनुसार, इस नई प्रणाली से हर साल आपातकालीन विभागों में 20,000 कम दौरे होंगे। एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड से मरीजों की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी, जिससे डॉक्टरों को त्वरित और सटीक डेटा मिल सकेगा। इससे इलाज में देरी कम होगी और अनावश्यक टेस्ट से बचा जा सकेगा। मरीजों को भी अपने रिकॉर्ड तक ऑनलाइन आसानी से पहुंच मिलेगी। हालांकि, डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी जताई जा रही हैं। सरकार का कहना है कि सभी डेटा एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित होगा। यह प्रणाली NHS के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विपक्ष ने इस पर पूरी पारदर्शिता की मांग की है। यह योजना अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
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