राजधानी रायपुर में ट्रैफिक सुधार परियोजनाओं की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस खालसा स्कूल-लोधीपारा कॉरिडोर पर रोजाना 46 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, वहां प्रस्तावित ओवरब्रिज अब तक मंजूरी का इंतजार कर रहा है। वहीं जीई रोड पर गांधी उद्यान से तेलीबांधा तक बनने वाले सिक्स लेन फ्लाईओवर का रास्ता साफ हो गया है। पीडब्ल्यूडी ने 125 करोड़ रुपए की लागत से इसका टेंडर जारी कर दिया है। नया फ्लाईओवर तीन प्रमुख सिग्नलों को बायपास करते हुए ट्रैफिक प्रवाह तेज करेगा। दूसरी ओर, पंडरी क्षेत्र में तात्यापारा चौक से शारदा चौक तक फ्लाईओवर की मांग दो दशक पुरानी है। राज्य सरकार ने फरवरी 2026 के बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपए की घोषणा की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। न तो निर्माण एजेंसी तय हुई है और न ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। पीडब्ल्यूडी और नगर निगम, दोनों ही इस परियोजना को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनके बजट में इसके लिए कोई अलग प्रावधान नहीं है। खालसा स्कूल से मोवा तक के कॉरिडोर में मूल प्रस्ताव स्थानीय विरोध के कारण बदलना पड़ा था। नया प्रस्ताव शासन स्तर पर मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिकता उन्हीं परियोजनाओं को मिलनी चाहिए जहां लोगों को वास्तविक राहत मिल सके। फिलहाल पंडरी के लोग जाम से जूझ रहे हैं जबकि कम व्यस्त मार्ग पर फ्लाईओवर बनने जा रहा है।
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