फतेहाबाद जिले में अब एंबुलेंसें चलते-फिरते अस्पताल की तरह काम करेंगी। सड़क हादसा, हार्ट अटैक या गंभीर रेफर मरीजों को अस्पताल पहुंचने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एंबुलेंस में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से फोन पर संपर्क कर उपचार शुरू कर सकेंगे। इसके लिए जिले की 25 एंबुलेंसों पर तैनात 33 ईएमटी को पंचकूला में विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इस पहल का मकसद मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही विशेषज्ञों की निगरानी में जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराना है। मेडिकल इमरजेंसी के शुरुआती मिनट सबसे अहम होते हैं, जिनमें सही उपचार मिलने पर कई गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। अब तक एंबुलेंस का मुख्य काम केवल मरीज को अस्पताल पहुंचाना था, लेकिन नई व्यवस्था से यह प्राथमिक उपचार केंद्र की तरह कार्य करेगी। खासतौर पर उन मरीजों के लिए राहत होगी, जिन्हें हिसार, रोहतक या चंडीगढ़ जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है। सड़क दुर्घटना और हृदयाघात जैसी स्थितियों में सबसे पहले एंबुलेंस और ईएमटी ही मौके पर पहुंचते हैं। ईएमटी को बेसिक लाइफ सपोर्ट, सीपीआर, हृदयाघात प्रबंधन, ऑक्सीजन सपोर्ट और आपातकालीन दवाओं के उपयोग की ट्रेनिंग दी गई है। कार्यकारी सीएमओ डॉ. बुधराम ने बताया कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित और सही निर्णय लेने का अभ्यास भी कराया गया है। यह व्यवस्था फतेहाबाद जिले में बड़ा बदलाव लाएगी और मरीजों को अस्पताल के रास्ते में ही बेहतर चिकित्सा सुनिश्चित करेगी।
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