भारत सरकार ने ईंधन निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पादन शुल्क (Special Additional Excise Duty) में कमी कर दी है। यह निर्णय पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यातकों को राहत देने के लिए लिया गया है। इस कदम से घरेलू तेल रिफाइनरियों और निर्यातक कंपनियों को लाभ होगा। शुल्क में कटौती से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय ईंधन अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। सरकार का लक्ष्य निर्यात बढ़ाने के साथ वैश्विक मांग को भी समर्थन देना है। हाल के महीनों में ईंधन की कीमतों में अस्थिरता के कारण निर्यात प्रभावित हो रहा था। कम शुल्क से कंपनियों की परिचालन लागत घटेगी। इससे विदेशी ग्राहकों को सस्ता ईंधन उपलब्ध कराया जा सकेगा। उद्योग जगत ने इस फैसले का स्वागत किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम भारत के ईंधन निर्यात को बढ़ावा देगा। साथ ही रिफाइनरियों की उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा। यह नीतिगत बदलाव वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगा।
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