पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने विकास परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण से समझौता नहीं किया जा सकता। पेड़ तभी काटने की अनुमति दी जाएगी, जब कोई दूसरा व्यवहारिक विकल्प न हो। आदमपुर एयरबेस के लिए 86 पेड़ काटने की अनुमति दी गई, क्योंकि बदले में 30 हजार पौधे लगाए गए थे। लुधियाना में साइकिल वैली के लिए 22 पेड़ काटने पर एक के बदले पांच पौधे लगाने की शर्त रखी गई। फरीदकोट में इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट के लिए 784 पेड़ काटने के प्रस्ताव पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि क्या वैकल्पिक स्थान या दिशा की तलाश की गई थी। जालंधर के कटपालों गांव में 33 पेड़ काटने की अनुमति एक के बदले दस पौधे लगाने की शर्त पर दी गई। पंजाब सरकार ने 24 दिसंबर 2025 के कटाई प्रतिबंध में राहत मांगी, कोर्ट ने नई तस्वीरें पेश करने को कहा।
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