RSS ने पश्चिम बंगाल में BJP की हालिया जीत के बाद राज्य से अपने ऐतिहासिक और गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया है। संगठन ने दावा किया है कि आजादी से पहले से ही उसके सभी छह सरसंघचालकों ने बंगाल में काम किया है। RSS ने कहा कि उसने दशकों तक राज्य में चुपचाप जमीनी स्तर पर अपना काम किया है, हिंसा का सामना किया है, लेकिन एक जटिल नेटवर्क बनाए रखा है। इस दौरान संगठन ने देश के विभाजन, जाति की राजनीति और भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में देखने के अपने दृष्टिकोण पर भी बात की। RSS ने कहा कि वह समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहता है। बंगाल में RSS की बढ़ती उपस्थिति और BJP की सियासी सफलता को संगठन अपनी लंबी मेहनत का परिणाम बता रहा है। संगठन ने यह भी कहा कि बंगाल की राजनीति में अब जागरण आएगा और यह सिर्फ शुरुआत है।
Source: Source