कबीरधाम जिले में हजारों शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं अधूरी पड़ी हैं। किसी की पहली नियुक्ति दर्ज नहीं है तो किसी की पदोन्नति गायब है। कई शिक्षकों की वेतन वृद्धि का रिकॉर्ड भी सेवा पुस्तिका में अपडेट नहीं हुआ है। 20 से 25 साल से नौकरी करने वाले शिक्षकों की पुस्तिकाएं अब तक सत्यापित नहीं हो पाई हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने इस लापरवाही पर सख्त कदम उठाया है। उन्होंने सभी बीईओ और डीडीओ प्राचार्यों को 15 जून तक सेवा पुस्तिकाएं पूर्ण रूप से अद्यतन करने का अल्टीमेटम दिया है। इस आदेश के बाद स्कूलों में पुराने रिकॉर्ड खोजने और उन्हें अपडेट करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षकों से अफवाहों से बचने को कहा है। एसोसिएशन ने साफ किया कि सेवा पुस्तिका अपडेट कराने में कोई राशि नहीं देनी चाहिए। पैसे मांगने पर एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत करने की सलाह दी गई है। सेवा पुस्तिका के आधार पर ही वेतन, पदोन्नति और पेंशन तय होती है। रिकॉर्ड अधूरे होने के कारण कई शिक्षकों को रिटायरमेंट के समय परेशानी हो रही है। पेंशन और जीपीएफ भुगतान में देरी आम समस्या बन गई है। डीईओ ने चेतावनी दी है कि लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। यह मामला छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1961 के नियम-9 से जुड़ा है। अब देखना यह है कि नियत तारीख तक सभी रिकॉर्ड पूरे हो पाते हैं या नहीं।
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