पंजाब में 8 नगर निगमों समेत 104 निकायों के चुनाव परिणामों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों को पीछे छोड़ दिया है। कुल 1977 वार्डों में से AAP ने लगभग 800 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा मिलकर भी 500 वार्डों तक नहीं पहुंच पाए। इस नतीजे को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसे 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। 2021 के निकाय चुनावों में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की थी, लेकिन इसके बाद विधानसभा चुनाव में उसे भारी हार का सामना करना पड़ा था। विशेषज्ञों के अनुसार निकाय चुनाव स्थानीय मुद्दों जैसे सफाई, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट पर लड़े जाते हैं, जबकि विधानसभा चुनावों में रोजगार, कानून व्यवस्था और नशा जैसे बड़े मुद्दे प्रभावी होते हैं। कांग्रेस ने 2027 में AAP को कड़ी चुनौती मिलने की संभावना जताई है। वहीं भाजपा और अकाली दल के कमजोर प्रदर्शन को भी चिंता का विषय बताया जा रहा है। भाजपा शहरी क्षेत्रों में भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई है। अकाली दल ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगहों पर ही सीमित सफलता हासिल कर सका है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि असली परीक्षा आने वाले विधानसभा चुनाव में होगी, जहां सत्ता विरोधी लहर और बड़े मुद्दे निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
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