केंद्र सरकार ने उत्तर भारत में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़े कदम के तहत एनई-5 दिल्ली-कटरा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे को अधिसूचित कर दिया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के रानी खेड़ा क्षेत्र से शुरू होकर कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके बाद यह हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा और अंत में कटरा के पास एनएच-144 से जुड़ेगा। हरियाणा में यह मार्ग खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बारटा जैसे शहरों को जोड़ेगा। पंजाब में भी कई महत्वपूर्ण शहरों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली और कटरा के बीच यात्रा तेज और सुगम होगी। अनुमान है कि यात्रा समय में लगभग 4 से 6 घंटे की कमी आ सकती है। वर्तमान में कई क्षेत्रों से कटरा पहुंचने में 10 से 14 घंटे लगते हैं। नए एक्सप्रेसवे से हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। इस परियोजना से माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही औद्योगिक विकास और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होने की संभावना है। धार्मिक पर्यटन, खासकर वैष्णो देवी यात्रा को भी इससे सुविधा मिलेगी। यह परियोजना उत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक कॉरिडोर मानी जा रही है।
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