यमन के पूर्व राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मनसूर हादी का 80 वर्ष की आयु में निर्वासन के दौरान निधन हो गया। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी नेता थे। हादी ने गृह युद्ध के दौरान अधिकांश समय निर्वासन से ही एक खंडित सरकार का नेतृत्व किया। वह 2012 में राष्ट्रपति बने, लेकिन 2014 में हौथी विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद उन्हें सऊदी अरब भागना पड़ा। निर्वासन में रहते हुए भी उन्होंने यमन की वैध सरकार का प्रतिनिधित्व किया। उनके नेतृत्व में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हौथियों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया। हाल के वर्षों में वह सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे। उनकी मृत्यु के बाद यमन में सत्ता संघर्ष और गहराने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। वह एक ऐसे नेता थे जिन्होंने यमन की एकता और स्थिरता के लिए संघर्ष किया। उनका निधन यमन के लिए एक युग का अंत है।
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