धर्मशाला के पुलिस मैदान में तीन दिवसीय तिब्बती सांस्कृतिक उत्सव 28 मई से 30 मई तक मनाया जा रहा है। यह उत्सव तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा के आगामी 90वें जन्मदिवस को समर्पित है। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य तिब्बत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, कला और पाक-शैली का प्रदर्शन करना है। साथ ही, इसके जरिए वैश्विक समुदाय का ध्यान तिब्बत की राजनीतिक स्थिति की ओर आकर्षित करने का प्रयास भी है। उद्घाटन सत्र में सीटीए अध्यक्ष पेनपा सेरिंग, निर्वासित तिब्बती संसद के अध्यक्ष खेन्पो सोनम टेनफेल और भारत-तिब्बत मैत्री संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। धर्मशाला के स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा ने भारत-तिब्बत के सदियों पुराने अटूट संबंधों को रेखांकित किया। उत्सव में तिब्बत के विभिन्न प्रांतों की पारंपरिक वेशभूषा, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित किया गया है। तिब्बती चिकित्सा और ज्योतिष केंद्र के स्टॉल पर लोग परामर्श ले रहे हैं। तिब्बती युवा कांग्रेस ने मानवाधिकारों पर ऐतिहासिक प्रदर्शनी लगाई है, जबकि तिब्बती महिला संघ ने समाज में महिलाओं की भूमिका को दर्शाया है। विधायक सुधीर शर्मा ने तिब्बती समुदाय द्वारा अपनी पहचान और संस्कृति को संजोए रखने की सराहना की। इस तीन दिवसीय महोत्सव में अनगिनत भोजन स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां लोग तिब्बती व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। यह आयोजन स्थानीय भारतीयों और निर्वासित तिब्बती समुदाय के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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