केंद्र सरकार देश में यूरिया उत्पादन बढ़ाने के लिए नई नीति लाने की तैयारी कर रही है। इस नीति का फोकस कोयला गैसीकरण आधारित यूरिया उत्पादन पर होगा। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करना है। रिपोर्ट्स के अनुसार नई नीति अगले एक महीने में सामने आ सकती है। भारत फिलहाल यूरिया उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भर है। नई पहल के जरिए घरेलू कोयला भंडार का उपयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि इससे उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मजबूत होगी। साथ ही विदेशी मुद्रा की बचत में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार कोयला गैसीकरण तकनीक से वैकल्पिक फीडस्टॉक तैयार किया जा सकता है। यह कदम कृषि क्षेत्र के लिए जरूरी उर्वरकों की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम माना जा रहा है। सरकार पहले से ही ऊर्जा और उर्वरक क्षेत्रों में आयात निर्भरता घटाने की दिशा में काम कर रही है। नई नीति को देश की दीर्घकालिक खाद्य और कृषि सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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