पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ नगर निगम के सफाई टेंडर विवाद में बड़ी राहत देते हुए 23 मई 2026 के पत्र पर रोक लगा दी है। इस पत्र के जरिए मौजूदा सफाई कंपनी को काम नगर निगम को सौंपने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने यह रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को तय की है। हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश गुरुवार को जारी कर दिया गया। यह विवाद शहर के दक्षिणी सेक्टरों की मैकेनिकल और मैनुअल सफाई से जुड़ा है। संबंधित कंपनी 2016 से यह काम कर रही है। 31 दिसंबर 2025 को जारी नए टेंडर में यही कंपनी सबसे कम बोलीदाता बनी थी। 8 अप्रैल 2026 को निगम के जनरल हाउस ने सर्वसम्मति से कंपनी को टेंडर देने का प्रस्ताव पारित किया था। लेकिन निगम कमिश्नर ने इसे लागू नहीं किया, जिससे विवाद बढ़ गया। कमिश्नर के फैसले के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस के पार्षद एकजुट हो गए थे। कई पार्षदों ने निगम की बैठकों के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। यह मुद्दा शहर में राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का कारण बना हुआ है। चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ किया कि यह पार्षदों का व्यक्तिगत मामला है, पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब विवाद और गहरा गया है।
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