कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को शीर्ष पद संभालने का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला महीनों से चल रही अटकलों और दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठकों के बाद आया है। कांग्रेस हाईकमान ने नेतृत्व परिवर्तन का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह बदलाव हुआ है। सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच सौहार्दपूर्ण तस्वीरें साझा की गईं, जो शांतिपूर्ण सत्ता-हस्तांतरण का संकेत देती हैं। सिद्धरमैया का कार्यकाल चार साल से अधिक रहा, जिसके दौरान उन्होंने कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया। हालांकि, पार्टी के भीतर असंतोष और प्रदर्शन को लेकर सवाल उठते रहे थे। शिवकुमार पिछले कई वर्षों से कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख चेहरे रहे हैं और उन्हें संगठन में मजबूत पकड़ मानी जाती है। नए मुख्यमंत्री के सामने चुनौतियों में केंद्र के साथ संबंध, कानून व्यवस्था और वादे पूरे करना शामिल है। इस फैसले से राज्य में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत होगी। कांग्रेस ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि बदलाव सहज और नाटकीय न हो। विपक्षी दलों ने इस फैसले को ‘दबाव में लिया गया कदम’ बताया है। अब देखना यह है कि शिवकुमार सिद्धरमैया के मॉडल से कितना अलग रास्ता अपनाते हैं। यह घटना कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र और सत्ता-बंटवारे को भी दर्शाती है। प्रशासनिक सुचारुता के लिए कैबिनेट के अन्य मंत्रियों के इस्तीफे और नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण की भी संभावना है।
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