कुरुक्षेत्र के बराना गांव में सुपर-100 एनजीओ स्कूल के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत हुई है। सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध संस्थान में कैद कर रखा गया है। बच्चों को बदबूदार और कीड़ों वाला पानी पीने को मजबूर किया जा रहा है। 250 बच्चों के लिए मात्र 7-8 शौचालय हैं और लंबे समय तक शौचालय जाने की अनुमति नहीं दी जाती। मानसिक दबाव और मारपीट के भी आरोप लगे हैं। एक बच्चे ने बाहर निकलते ही ‘मैं आज़ाद हो गया’ कहा। संस्थान ने अपनी छवि बचाने के लिए बच्चों से दबाव में रिकॉर्डेड बयान दिलवाए। शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि उनकी विजिट में ऐसे हालात नहीं मिले। DEO ने कहा बच्चे नए सत्र में ढल नहीं पा रहे हैं, किसी को शिकायत हो तो मिल सकता है।
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