राजनांदगांव जिला चिकित्सालय परिसर में आवंटित दुकानों का वर्षों से बकाया किराया जमा न करने पर सख्त कार्रवाई की गई है। जीवन दीप समिति के निर्णय के अनुसार बकाया राशि न चुकाने पर दुकानों को सील करने और आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी क्रम में कुथरेल (जिला दुर्ग) निवासी ममता चन्द्राकर की दुकान नंबर 8 को सील कर दिया गया। यह किराया जुलाई 2015 से लंबित था। दुकानदार को कई बार अंतिम नोटिस जारी कर राशि जमा करने के लिए कहा गया था। बावजूद इसके 1 लाख 80 हजार 759 रुपये का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद प्रशासन ने पंचनामा बनाकर दुकान को सील कर दिया। अन्य दुकानदारों को भी समय पर बकाया किराया जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि समय सीमा का पालन न करने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई होगी। मेडिकल कॉलेज स्थापना के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या और दवा दुकानों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। कई दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय तक विभागीय गतिविधियां बंद रहने से किराया जमा करना मुश्किल हुआ। अब बकाया राशि एक साथ चुकाना उनके लिए आर्थिक बोझ बन गया है।
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