जमुई जिले के बहुचर्चित दरोगा प्रभात रंजन हत्याकांड मामले में स्थानीय अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने इस हत्याकांड के तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला काफी पुराना था और लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा में था। पुलिस अधिकारी प्रभात रंजन की ड्यूटी के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी और पुलिस विभाग में शोक की लहर थी। परिवार और पुलिस बल लगातार न्याय की मांग कर रहे थे। अदालत ने गवाहों, साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय सुनाया। सजा सुनाए जाने के बाद पीड़ित परिवार में राहत और खुशी का माहौल है। इस फैसले को पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी नैतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने यह साबित कर दिया कि कानून के आगे सब बराबर हैं। दोषियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने से समाज में एक सख्त संदेश गया है कि पुलिसकर्मियों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया है। यह फैसला जिले की न्यायिक प्रणाली के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। मृत दरोगा के परिजनों ने न्यायपालिका और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
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