आंध्र प्रदेश के बापटला जिले से एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 94 वर्षीय कोंड्रागुंटा महालक्ष्मम्मा ने अपनी मातृभूमि के प्रति गहरा प्रेम व्यक्त किया है। महालक्ष्मम्मा वर्तमान में अमेरिकी नागरिक हैं, लेकिन उनकी अंतिम इच्छा अपनी जड़ों से जुड़कर रहने की है। उन्होंने भारत सरकार से अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़ने और भारतीय पहचान के साथ अंतिम सांस लेने की अनुमति मांगी है। उन्होंने प्रधानमंत्री और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया में सहायता का अनुरोध किया है। दशकों पहले अपने बच्चों के साथ विदेश बसने के बावजूद, उनके मन में भारत के प्रति लगाव कभी कम नहीं हुआ। बुढ़ापे में अपनी जन्मभूमि की मिट्टी से जुड़ने की यह इच्छा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। महालक्ष्मम्मा के परिवार ने भी उनकी इस भावनात्मक भावना का समर्थन किया है। उन्होंने अपनी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सरकारी मार्गदर्शन मांगा है ताकि वे शेष जीवन एक भारतीय नागरिक के रूप में बिता सकें। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रह रहे भारतीयों के अपनी संस्कृति और देश के प्रति अटूट प्रेम को दर्शाता है। उनकी यह अपील लोगों को भावुक कर रही है और देशप्रेम की एक नई मिसाल पेश कर रही है। प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लिया है और कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
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