एक पूर्व आईटी मैनेजर ने अपनी नौकरी की तनावपूर्ण जिंदगी को छोड़कर ऑटो रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। 9 साल तक कॉरपोरेट जगत में काम करने के बाद उन्होंने मेंटल पीस और सच्ची खुशी के लिए यह कठिन फैसला लिया। वह बताती हैं कि हाई-प्रेशर नौकरी में उन्हें मानसिक शांति नहीं मिल पा रही थी। ऑटो चलाने से उन्हें अपनी जिंदगी पर नियंत्रण और संतुष्टि का अहसास हुआ है। उनकी इस कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों को चौंका दिया। कई यूजर्स ने उनके साहस की प्रशंसा की और कहा कि यह आत्म-सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य की जीत है। कुछ ने इसे ‘सुकून की तलाश’ करार दिया। वह कहती हैं कि समाज के ताने-बाने और बड़ी उपाधियों से ऊपर उठकर अपनी खुशी को प्राथमिकता देना जरूरी है। उनकी यह अनोखी प्रेरणा उन सभी के लिए एक मिसाल बन गई है जो अपने करियर के तनाव से जूझ रहे हैं।
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