भारतीय वायुसेना से जुड़े एक नए टेंडर दस्तावेज ने राफेल विमानों को लेकर पाकिस्तान के दावों पर फिर बहस छेड़ दी है। भारतीय वायुसेना ने अपने सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों के रखरखाव और समर्थन के लिए टेंडर जारी किया है। यह वही 36 राफेल विमान हैं जिन्हें भारत ने फ्रांस से खरीदा था। टेंडर जारी होने के बाद पाकिस्तान के उन दावों पर सवाल उठ रहे हैं जिनमें कई राफेल विमानों को मार गिराने की बात कही गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ऐसे दावों का व्यापक प्रचार किया गया था। हालांकि भारत ने इन दावों को पहले भी खारिज किया था। वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तान के इन दावों को ‘मनोहर कहानियां’ करार दिया था। नए दस्तावेज को उन दावों के विपरीत संकेत के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा मामलों के जानकार इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण मान रहे हैं। राफेल भारतीय वायुसेना के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में शामिल हैं। उनकी परिचालन क्षमता और रखरखाव को लेकर नियमित प्रक्रियाएं जारी रहती हैं। इस बीच राफेल विमानों को लेकर दोनों देशों के दावों और जवाबी दावों पर चर्चा फिर तेज हो गई है।
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