बालोद खरीफ सीजन वर्ष 2026 में खाद की कालाबाजारी रोकने, किसानों को निर्धारित दर पर डिमांड अनुसार खाद मिल सके। इसके लिए कृषि विभाग की टीम जिले के केंद्रों में दबिश दे रही है। दो माह में हुए कार्रवाई के आधार पर कृषि विभाग की ओर से रिपोर्ट जारी की गई है। जिसके अनुसार एक अप्रैल से 31 मई तक दो माह में 95 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। दस्तावेज अधूरा होने अनियमितता पाए जाने पर 36 विक्रय केंद्रों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया हैं। इसके अलावा 8 केंद्रांे में आगामी आदेश तक खाद बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया हैं। वहीं एक केंद्र का लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही की गई है। कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चंद्राकर ने बताया कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरीक्षण आगे भी लगातार चलता रहेगा। खाद विक्रय केन्द्रों में भण्डारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार से अनियमितता पाए जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरूध्द उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। अन्य जरूरी निर्देश भी दिए हैं। निर्धारित लक्ष्य का 72.50 प्रतिशत भंडारण हो चुका कृषि विभाग के अनुसार जिले के 122 सेवा सहकारी समिति में 46 हजार 300 टन खाद डिमांड का लक्ष्य हैं। जिसके अनुरुप अब तक सहकारी समितियों में 33 हजार 580 टन खाद का भंडारण हो चुका हैं। जो निर्धारित लक्ष्य का 72.50 प्रतिशत हैं। सहकारी समितियों से अब तक 20 हजार 259 मीट्रिक टन खाद का उठाव किया जा चुका है। वर्तमान मंे 13 हजार 300 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध हैं। विभागीय अफसरों का दावा हैं कि वर्तमान में किसी भी सोसायटी में खाद की किल्लत नहीं है। इसके अलावा निजी कृषि केंद्रों से भी सुविधा अनुसार किसान खाद ले जा रहे हैं। निजी में 21 हजार 770 टन खाद की डिमांड कृषि विभाग के अनुसार सहकारी केंद्रों के लिए 46 हजार 300 टन और निजी केंद्रों के लिए 21 हजार 770 टन खाद की डिमांड किया गया है। निजी से दोगुना सहकारी केंद्रों के लिए डिमांड की हुआ है। खरीफ सीजन के लिए यूरिया, डीएपी के अलावा 14 हजार टन एनपीके, 4 हजार 800 टन पोटाश(एमओपी) और 10 हजार टन एसएसपी खाद की डिमांड किया गया हैं। फिलहाल की स्थिति मंे डिमांड, वितरण लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। आगे डिमांड आंकड़े संशोधित हो सकते हैं। पहले 24 हजार 879 टन यूरिया, 8 हजार 293 टन सुपर फॉस्फेट, 17 हजार 559 टन डीएपी आदि की डिमांड है।
Source: Source