छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे पर यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। प्रदेश के 26 टोल प्लाजा से हर महीने लगभग 300 करोड़ रुपये का टोल राजस्व वसूला जा रहा है। औसतन प्रतिदिन 10 करोड़ रुपये से अधिक की टोल वसूली होने के बावजूद हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यात्रियों का कहना है कि टोल शुल्क देने के बाद भी उन्हें सुरक्षित यात्रा का भरोसा नहीं मिल रहा। सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम होने के बजाय लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। सुरक्षा उपायों और आपातकालीन सुविधाओं की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस स्थिति ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क निर्माण कंपनियों की जिम्मेदारी पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ बेहतर सड़क प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की जरूरत बता रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी और त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की जा रही है। हाईवे पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।
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