24 वर्षीय धनुष कई महीनों तक गंभीर पेट दर्द और उल्टी की समस्या से परेशान रहा। खाना खाते ही उसे असहनीय दर्द और उल्टी होने लगती थी। स्थानीय अस्पतालों में जांच के बावजूद उसकी बीमारी का सही पता नहीं चल पाया। लगातार परेशानी के कारण धनुष काफी परेशान हो गया था और समाधान की तलाश कर रहा था। एक कार्यक्रम के दौरान एक डॉक्टर को उसकी स्थिति के बारे में जानकारी मिली। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट की पहचान की। रोबोटिक सर्जरी की मदद से शरीर में जमा बड़े तरल संग्रह को सुरक्षित तरीके से निकाला गया। सर्जरी के बाद धनुष की हालत में तेजी से सुधार हुआ। अब वह सामान्य जीवन में लौट चुका है और अपनी पढ़ाई जारी रख रहा है। इस मामले ने आधुनिक चिकित्सा तकनीक की उपयोगिता को भी उजागर किया है।
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