नई दिल्ली का 24 अकबर रोड, जो दशकों तक भारतीय राजनीति का एक प्रमुख केंद्र रहा है, इन दिनों एक अलग ही कारण से चर्चा में है। खबरों के अनुसार, इस वीवीआईपी पते के किराए के भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा पिछले 13 वर्षों से इसका किराया नहीं दिया गया है। यह मामला न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि रियल एस्टेट के जानकारों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीवीआईपी इलाके में प्रॉपर्टी की कीमतें और किराए का गणित बेहद चौंकाने वाला है। लुटियंस दिल्ली के इस पॉश इलाके में कमर्शियल और पॉलिटिकल उपयोग वाली संपत्तियों का मूल्यांकन सामान्य बाजार दरों से काफी अलग होता है। जानकारों का कहना है कि यदि इस जगह का बाजार भाव से मूल्यांकन किया जाए, तो यह राशि करोड़ों में पहुंच सकती है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब लुटियंस जोन में सरकारी संपत्तियों के आवंटन और उनके रखरखाव को लेकर नई नीतियां चर्चा में हैं। इस खबर ने प्रॉपर्टी बाजार के उस पहलू को उजागर किया है, जहाँ प्रतिष्ठित पतों का राजनीतिक महत्व उनके आर्थिक मूल्य से कहीं अधिक माना जाता है।
Source: Source