2013 में मनोरंजन के लिए दक्षिण अफ्रीका की राइजिंग स्टार गुफा प्रणाली में उतरे दो स्पेलंकरों (केवर्स) को विलुप्त होमिनिड प्रजाति के ढेर सारे अवशेष मिले। इस अनोखी खोज के बाद वैज्ञानिकों ने ‘होमो नालेदी’ नामक एक नई मानवीय प्रजाति की पहचान की। होमो नालेदी के अवशेषों ने मानव वंशावली के बारे में पुरानी अवधारणाओं को पूरी तरह बदल कर रख दिया। गुफा का दुर्गम और संकरा रास्ता इतने सालों तक इन जीवाश्मों को सुरक्षित रखने में सहायक बना। इस खोज ने वैज्ञानिकों के बीच इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या ये प्रजाति जानबूझकर अपने मृतकों को दफनाती थी। होमो नालेदी में इंसानी और बंदरों दोनों की विशेषताएँ पाई गईं। यह प्रजाति अपने छोटे दिमाग और असामान्य कंकाल संरचना के लिए जानी जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज मानव विकास की कहानी में एक नया और विवादास्पद अध्याय जोड़ती है। अब तक सैकड़ों हड्डियाँ बरामद हो चुकी हैं।
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