बलरामपुर जिले के ग्राम चेरा में 17 वर्षीय आदिवासी मजदूर युवराज सिंह की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया है। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने सरगुजा संभाग के कमिश्नर और आईजी को ज्ञापन सौंपा है। समाज ने ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार युवराज को करीब तीन महीने पहले लुधियाना ले जाकर पाइपलाइन का काम कराया जा रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना सहमति के बाहर ले जाया गया और मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया गया। आरोप है कि 5 सितंबर को ठेकेदार युवराज को एंबुलेंस से उसके घर छोड़ गए। उस समय युवराज बेहोशी की हालत में था और घर पर कोई मौजूद नहीं था। परिवार के लौटने के बाद उसे बेहोश पाया गया और शाम करीब सात बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि ठेकेदारों ने उसकी बीमारी या मौत के कारण की कोई जानकारी नहीं दी। सर्व आदिवासी समाज ने मामले में बाल श्रम और मानव तस्करी समेत कई गंभीर कानूनों के तहत जांच की मांग की है। समाज का आरोप है कि गंभीर हालत में युवराज को अस्पताल ले जाने के बजाय घर छोड़ दिया गया। संगठन ने दोषियों और मामले में शामिल अन्य लोगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर समाज ने आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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