प्रवर्तन निदेशालय (ED) 100 करोड़ रुपये के कथित साइबर ठगी रैकेट की जांच में शामिल हो गया है। एजेंसी ने मामले में पैसों के लेनदेन की कड़ियों की पड़ताल शुरू की है। जांच का मुख्य फोकस ठगी की रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल पर है। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि रकम किन खातों और माध्यमों से भेजी गई। एजेंसी संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों की जांच कर रही है। साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क और उसके लाभार्थियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसी धन के प्रवाह को ट्रैक कर कथित अपराध की पूरी कड़ी समझने का प्रयास कर रही है। मामले में डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। 100 करोड़ रुपये की कथित ठगी ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ED की जांच से मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलुओं का पता लगाया जा सकता है। एजेंसी की कार्रवाई के बाद मामले में आगे कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना है।
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