सागर जिले में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत का मामला सामने आया है। बांदा इलाके के ग्रामीणों ने कथित तौर पर मिलावटी शराब का सेवन किया था। नई ब्रांडिंग और कम कीमत ने ग्रामीणों को इस अवैध शराब की ओर आकर्षित किया। यह शराब बाजार में मिलने वाली अन्य शराब से करीब 20 रुपये सस्ती बताई गई। विक्रेताओं के भरोसे और आश्वासन के कारण लोगों ने इसकी गुणवत्ता पर संदेह नहीं किया। राजेंद्र लोधी की जहरीली शराब पीने के बाद मौत हो गई। इसके अलावा करतार और दिग्विजय समेत कई अन्य लोगों ने भी जान गंवाई। आरोप है कि यह शराब बिना निर्धारित मानकों के तैयार कर मुनाफे के लिए बेची जा रही थी। अवैध शराब तैयार करने और बेचने में जुझार लोधी का नाम सामने आया है। मामले में पुलिस ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अवैध शराब के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में शराब की गुणवत्ता और उसमें मिलाए गए पदार्थों से जुड़े तथ्य भी सामने आने की उम्मीद है। प्रशासन अवैध शराब की बिक्री रोकने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटा है।
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