पंजाब विजिलेंस मुख्यालय से जुड़े 13 लाख रुपये के कथित रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई की जांच लगातार तेज हो रही है। फरार रहने के बाद गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर ओपी राणा से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी ने राणा के मोबाइल फोन का डेटा खंगालकर कई अहम सबूत जुटाए हैं। सीबीआई अब यह पता लगा रही है कि आरोपी किन-किन विजिलेंस अधिकारियों के संपर्क में था और उनसे उसकी बातचीत कितनी नियमित थी। राणा लंबे समय तक विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों के रीडर के रूप में कार्यरत रहा था। जांच में उसके तबादले और पदस्थापना से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। मामले की शुरुआत एक स्टेट टैक्स अधिकारी की शिकायत से हुई थी, जिसमें विजिलेंस अधिकारियों के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। सत्यापन के दौरान 13 लाख रुपये और एक मोबाइल फोन की मांग की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। 11 मई को ट्रैप कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसके बाद कई स्थानों पर छापेमारी कर नकदी और दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में फर्जी शिकायतों और कथित बिचौलियों के नेटवर्क से जुड़े संकेत भी मिले हैं। सीबीआई अब संभावित भूमिका वाले अन्य अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
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